कानपुर न्यूज डेस्क: पांडु नदी में पानी बढ़ने के बाद मैथा तहसील के कई गांवों में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सिंहपुर, करोम, असनीपुरवा, लोधनपुरवा, बिहारीपुरवा, मवैया, कैलयी, बकसपुरवा और हरदिया नाला समेत कई गांव पानी से घिरे हुए हैं। इन इलाकों में ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नदी किनारे बसे रुदापुर, फंदा, ह्रदयपुर और पकरा में भी जलभराव बना हुआ है। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ है और कई जगह खेत में ही फसल सड़ने लगी है। तिली, बाजरा और पशुओं का चारा भी पानी में डूब गया है।
ग्रामीणों के सामने अब धान और तिली की फसल बचाने की चुनौती है। बताया जा रहा है कि हजारों बीघा में खड़ी इन फसलों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। लगातार पानी भरे रहने से फसलें खराब होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
एसडीएम प्रतिभा मिश्रा के मुताबिक तीन दिनों तक हुई बारिश के कारण अलग-अलग गांवों में जलभराव हुआ था। पानी निकालने के लिए नालों की सफाई जेसीबी से कराई जा रही है। बारिश थमने के बाद नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। प्रभावित गांवों में फसलों और नुकसान का सर्वे करने के लिए लेखपालों को लगाया गया है और रिपोर्ट के आधार पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।