कानपुर न्यूज डेस्क: भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक अहम कदम उठाते हुए Renault India ने Indian Institute of Technology Kanpur के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। दोनों संस्थानों ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य भारत में वाहनों के रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
इस साझेदारी के तहत रेनो इंडिया अपनी यात्री गाड़ियों की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए आईआईटी कानपुर की विश्वस्तरीय सुविधाओं का उपयोग करेगी। कंपनी विशेष रूप से आईआईटी कानपुर की अत्याधुनिक नेशनल विंड टनल फैसिलिटी (NWTF) का इस्तेमाल करेगी, जहां आने वाली कारों के एयरोडायनामिक्स और विंड-नॉइस की उन्नत टेस्टिंग की जाएगी। इससे गाड़ियों की स्पीड, स्थिरता और केबिन के आराम को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
रेनो ग्रुप इंडिया के चीफ ऑफ इंजीनियरिंग विक्रमन वी. के अनुसार, यह साझेदारी भारत में कंपनी की इंजीनियरिंग क्षमता को मजबूत करेगी। यह सहयोग रेनो की वैश्विक इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और आईआईटी कानपुर के अत्याधुनिक रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ लाकर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नई तकनीक वाली गाड़ियों के विकास को गति देगा।
आईआईटी कानपुर की नेशनल विंड टनल फैसिलिटी देश की पहली और सबसे उन्नत सुविधाओं में से एक मानी जाती है। इसमें 3.0 मीटर × 2.25 मीटर का कंटीन्यूअस क्लोज्ड-जेट टेस्ट सेक्शन है, जो वाहनों के एयरोडायनामिक प्रदर्शन का बेहद सटीक मूल्यांकन करने में सक्षम है। वर्तमान में यहां 80 किमी/घंटा से 280 किमी/घंटा तक की गति पर परीक्षण किया जा सकता है, जबकि भविष्य में इसे अपग्रेड कर 400 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार पर टेस्टिंग के लिए तैयार किया जा रहा है।