कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर नगर निगम के टेंडर घोटाले में एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। बुधवार को एडीसीपी प्रभारी अर्चना सिंह की अगुवाई में टीम मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंची। यहां मुख्य अभियंता सैय्यद फरीद अख्तर जैदी से हॉट मिक्स प्लांट के काम और उससे जुड़े भुगतान की फाइलें मांगी गईं। टीम करीब साढ़े 11 बजे से शाम 3 बजे तक नगर निगम में रिकॉर्ड की जांच करती रही।
एसआईटी ने टेंडर जारी करने से लेकर काम पूरा होने और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। गिरफ्तार ठेकेदार संदीप जैन और रज्जन बाजपेई की फर्मों के अलावा फरार गोविंद शर्मा से जुड़ी कंपनियों की फाइलें भी जांच में शामिल हैं। टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि किन फर्मों को टेंडर मिले, काम कितना हुआ और भुगतान किस आधार पर किया गया।
जांच के दौरान अधिशासी अभियंता आरके सिंह, दिवाकर भास्कर और कमलेश पटेल से भी सवाल-जवाब किए गए। अधिकारियों से हॉट मिक्स प्लांट के काम, टेंडर देने की प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड के बारे में जानकारी ली गई। इससे पहले नगर आयुक्त की जांच में सात फर्मों में गड़बड़ी मिलने के बाद उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। छह ठेकेदारों के खिलाफ केस भी दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार नगर निगम में करीब 400 फर्में रजिस्टर्ड हैं, जबकि 27 बड़े ठेकेदारों के सिंडिकेट के जरिए ठेके हासिल करने और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। पुलिस आयुक्त ने बताया था कि पुरानी प्रक्रिया से जारी करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द कर अब ई-टेंडरिंग लागू की गई है। ऐसे में एसआईटी के लिए टेंडर और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड जांच में अहम कड़ी माने जा रहे हैं।