कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने कानपुर देहात और कानपुर नगर सोलर पार्क में बनने वाली कुल 110 मेगावाट क्षमता की दो सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए तय बिजली दरों (टैरिफ) को मंजूरी दे दी है। आयोग ने 3 जुलाई 2026 को जारी आदेश में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) और वेदु इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की विशेष कंपनियों (SPV) के बीच हुए 25 साल के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) को भी मंजूरी दी।
आयोग ने 75 मेगावाट कानपुर देहात परियोजना के लिए 2.65 रुपये प्रति यूनिट और 35 मेगावाट कानपुर नगर परियोजना के लिए 2.71 रुपये प्रति यूनिट की दर तय की है। ये दरें पूरे 25 वर्षों तक स्थिर रहेंगी।
इन परियोजनाओं के लिए उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) ने अप्रैल 2025 में टेंडर जारी किया था। तकनीकी जांच के बाद छह कंपनियां योग्य पाई गईं और 23 सितंबर 2025 को ई-रिवर्स ऑक्शन हुआ, जिसमें वेदु इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड सबसे कम बोली लगाकर दोनों परियोजनाएं हासिल करने में सफल रही।
परियोजना के तहत वेदु कानपुर देहात सोलर प्राइवेट लिमिटेड और वेदु कानपुर नगर सोलर प्राइवेट लिमिटेड का गठन किया गया। कंपनी को 14 नवंबर 2025 को लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किया गया। साथ ही 75 मेगावाट परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये और 35 मेगावाट परियोजना के लिए 7 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी जमा कराई गई।
पीपीए के अनुसार, परियोजनाओं से बिजली आपूर्ति शुरू करने की निर्धारित समय-सीमा 2 जनवरी 2026 से 24 महीने तय की गई है। वहीं कंपनी को समझौते पर हस्ताक्षर के 12 महीने के भीतर फाइनेंशियल क्लोजर भी पूरा करना होगा।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाले सोलर मॉड्यूल और सेल केंद्र सरकार के Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) के नियमों के अनुरूप होने चाहिए। साथ ही ALMM नियमों या आयातित सोलर उपकरणों पर लगने वाले बेसिक कस्टम ड्यूटी के आधार पर किसी अतिरिक्त राहत या मुआवजे का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
UPERC ने कहा कि तय की गई बिजली दरें मौजूदा बाजार के अनुरूप और प्रतिस्पर्धी हैं। इन दोनों परियोजनाओं के शुरू होने से उत्तर प्रदेश में 110 मेगावाट नई सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ेगी, जिससे राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।