कानपुर न्यूज डेस्क: किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े कथित घोटाले में एक नया खुलासा सामने आया है। पंजाब के तरनतारन निवासी मनजिंदर का वीडियो पुलिस को आरोपी शिवम अग्रवाल के मोबाइल फोन से मिला है। इस वीडियो में मनजिंदर ने आरोप लगाया है कि आहूजा हॉस्पिटल के संचालकों डॉ. सुरजीत आहूजा और डॉ. प्रीति आहूजा समेत अन्य लोगों ने किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर उससे करीब 43 लाख रुपये ले लिए, लेकिन ऑपरेशन नहीं कराया।
मनजिंदर का कहना है कि वह लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं और डायलिसिस करा रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई, जिन्होंने ट्रांसप्लांट कराने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि जसप्रीत, विक्रांत, हसन और नवनीत नाम के लोगों के जरिए उनसे संपर्क किया गया और धीरे-धीरे बड़ी रकम वसूली गई। उन्होंने यह पैसा उधार लेकर दिया, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया और ट्रांसप्लांट नहीं कराया गया।
जांच में एक संगठित नेटवर्क की बात भी सामने आई है, जिसमें परवेज सैफी की भूमिका बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, वह आरोपियों को ट्रांसप्लांट के लिए गाड़ियां उपलब्ध कराता था और टीम को अलग-अलग शहरों तक लाने-ले जाने का काम करता था। इस नेटवर्क में कई अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनमें डॉक्टर और सहयोगी शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस को कुछ वीडियो भी मिले हैं, जिनमें आरोपी कथित तौर पर पैसों के साथ दिखाई दे रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएन कासिम आबिदी ने बताया कि आरोपी शिवम अग्रवाल को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। इससे पूरे नेटवर्क, ट्रांसप्लांट की सच्चाई और अन्य पीड़ितों के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।