कानपुर न्यूज डेस्क: गेल (इंडिया) लिमिटेड की प्रमुख कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल, 'गेल उत्कर्ष कानपुर' ने एक बार फिर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वर्ष 2026 के जेईई मेन (JEE Main) परिणामों में इस कोचिंग प्रोग्राम के 100 में से 96 छात्रों ने जेईई एडवांस के लिए क्वालीफाई कर 96% की शानदार सफलता दर दर्ज की है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के मेधावी छात्र भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त कर सकते हैं।
इस वर्ष के परिणामों में छात्रों का प्रदर्शन असाधारण रहा, जिसमें 7 छात्रों ने 99 पर्सेंटाइल से अधिक और 37 छात्रों ने 95 पर्सेंटाइल से ज्यादा अंक हासिल किए। अर्चित साहू ने 99.41 पर्सेंटाइल के साथ संस्थान में टॉप किया है। इस गौरवपूर्ण क्षण पर गेल के निदेशक (HR) आयुष गुप्ता ने कानपुर केंद्र का दौरा किया और छात्रों से सीधा संवाद कर उन्हें आगामी जेईई एडवांस परीक्षा के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने पूर्व छात्रों (Alumni) के साथ भी चर्चा की ताकि मेंटरशिप प्रोग्राम को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
'गेल उत्कर्ष कानपुर' की शुरुआत साल 2009 में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के उन प्रतिभाशाली छात्रों की मदद करना है जो वित्तीय अभाव के कारण महंगी कोचिंग नहीं ले पाते। यह 11 महीने का पूरी तरह से वित्तपोषित आवासीय कोचिंग कार्यक्रम है, जिसे 'सेंटर फॉर सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड लीडरशिप' (CSRL) के सहयोग से चलाया जाता है। कानपुर की सफलता को देखते हुए इस पहल का विस्तार हल्द्वानी (जेईई) और वाराणसी (छात्राओं के लिए जेईई व नीट केंद्र) में भी किया गया है।
अपनी स्थापना से अब तक कानपुर केंद्र ने 1,479 छात्रों के सपनों को उड़ान दी है, जिसमें से 445 छात्रों ने IIT, 422 ने NIT और 476 छात्रों ने अन्य प्रतिष्ठित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाकर अपने परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बदला है। गेल (India) लिमिटेड की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव ला रही है, बल्कि वंचित वर्ग के युवाओं को मुख्यधारा में शामिल कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।