कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो कम पढ़े-लिखे युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कंबोडिया भेजता था और वहां उन्हें साइबर ठगी करने के लिए मजबूर करता था। बेकनगंज पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम ने रविवार को इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित ने शनिवार को बेकनगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथ लगभग 3,00,000 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी मोहम्मद अनस और मोहम्मद फैसल वारसी कानपुर के सीधे-साधे लड़कों को अच्छे पैकेज वाली नौकरी का लालच देते थे। वे पीड़ितों के ही पैसों से उनका वीजा और टिकट बनवाकर उन्हें थाईलैंड के रास्ते कंबोडिया भेज देते थे। इस काम के बदले गिरोह को प्रति व्यक्ति 3 से 4 लाख रुपये मिलते थे।
कंबोडिया पहुँचने पर इन युवाओं को असलियत पता चलती थी। वहां उन्हें गेमिंग स्कैम, लॉटरी स्कैम और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के लिए तैयार किए गए प्लेटफार्मों पर काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। गिरोह के सदस्य इन लड़कों से अलग-अलग देशों में फोन करवाकर लोगों को ठगने और पैसे अपने खातों में ट्रांसफर करवाने का दबाव बनाते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अब तक करीब एक दर्जन युवाओं को कंबोडिया भेजा है, जिनमें से तीन किसी तरह बचकर भारत वापस लौट आए हैं। पुलिस अब उन अन्य पीड़ितों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जो अब भी वहां फंसे हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से अहम साक्ष्य बरामद किए हैं और उन्हें अदालत में पेश किया जा रहा है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए सर्विलांस और साइबर टीमें गहन जांच कर रही हैं।