कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के नर्वल क्षेत्र में वर्ष 2017 में जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के मामले में अदालत ने नौ साल बाद अहम फैसला सुनाया है। अपर जिला जज (16) अगस्त कुमार तिवारी की अदालत ने गैरइरादतन हत्या के एक दोषी को सात वर्ष की सश्रम कैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं मारपीट के मामले में चार अन्य दोषियों को छह-छह माह की कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।
मामला नर्वल थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव का है, जहां राजू यादव और विजयपाल के परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 11 मार्च 2017 को यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों तथा धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
घटना के दौरान विजयपाल द्वारा किए गए कुल्हाड़ी के वार में राजू यादव का पुत्र राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राहुल की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया तथा दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए।
राजू यादव ने विजयपाल, मोहनलाल, जगलाल और गुलाब के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जबकि दूसरी ओर विजयपाल की पत्नी सुनीता ने राजू यादव, महेंद्र सिंह और एक किशोर के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज कराया था। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने दोषियों को सजा सुनाते हुए मामले का निस्तारण किया।