कानपुर न्यूज डेस्क: शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर पिछले तीन दिनों से लगातार नीचे आ रहा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। करीब 11 मोहल्लों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों के लिए रोजाना नाव से सफर करना मजबूरी बना हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शुक्रवार शाम गंगा का जलस्तर 112.290 मीटर दर्ज किया गया। यह अब भी चेतावनी बिंदु से 29 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में कमी के बावजूद कई इलाकों से पानी पूरी तरह नहीं निकल पाया है, जिसके चलते स्थानीय लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
बाढ़ का पानी चंपापुरवा, मनसुखखेड़ा, कर्बला, हुसैननगर, शाहीनगर, रविदास नगर, मालवीयनगर और श्रीनगर कटरी समेत करीब 11 मोहल्लों में जमा है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए भी नाव से आवाजाही करनी पड़ रही है। बच्चों को स्कूल और कामकाजी लोगों को अपने काम पर जाने के लिए इसी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
लेखपाल प्रशांत अवस्थी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए 17 नावें लगाई गई हैं और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों के लिए तीन आश्रय स्थल भी खोल दिए गए हैं। प्रशासन की निगरानी के बावजूद ग्रामीणों को जलस्तर पूरी तरह सामान्य होने और बाढ़ का पानी उतरने का इंतजार है।