कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के विकास नगर में एक खूंखार जर्मन शेफर्ड डॉग ने फिर से कोहराम मचा दिया है। उसी कुत्ते ने, जिसने 19 मार्च 2025 को 90 वर्षीय मोहिनी त्रिवेदी की जान ली थी, शनिवार रात उनकी वृद्ध बहू किरण त्रिवेदी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में किरण के दोनों हाथों में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें सर्वोदय नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना ने एक बार फिर पालतू जानवरों की हिंसक प्रवृत्ति को लेकर पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
गौरतलब है कि 'रॉबर्ट' नाम के इस जर्मन शेफर्ड ने पिछले साल 19 मार्च को पुडुचेरी के पूर्व उपराज्यपाल त्रिभुवन प्रसाद तिवारी की बहन मोहिनी त्रिवेदी की जान ली थी। वह घटना तब हुई थी जब मोहिनी ने उसे लाठी से डराने की कोशिश की थी, जिससे कुत्ता आक्रामक हो गया। उस समय नगर निगम ने कुत्ते को हिरासत में लिया था, लेकिन मृतक के पोते प्रशांत ने शपथ पत्र देकर उसे वापस छुड़ा लिया था। पड़ोसियों के अनुसार, प्रशांत ने 1 मई को ही दोबारा इस खतरनाक कुत्ते को घर पर लाकर रखा था।
शनिवार रात करीब 10:30 बजे जब प्रशांत घर पर नहीं था, तब कुत्ते ने उसकी मां किरण त्रिवेदी पर हमला कर दिया। पहले तो प्रशांत ने इसे आवारा कुत्ते का हमला बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की और उन्हें अस्पताल ले गया। हालांकि, सच सामने आने के बाद अब नगर निगम प्रशासन हरकत में आया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने स्पष्ट किया है कि कुत्ता पंजीकृत होने के बावजूद खतरनाक हो चुका है, इसलिए मंगलवार को टीम भेजकर उसे पकड़कर शेल्टर होम में भेजा जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर खतरनाक नस्ल के कुत्तों को घर में रखने के नियमों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती किरण त्रिवेदी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। इलाके के लोग अब इस खूंखार कुत्ते के स्थाई रूप से हटाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा मंगलवार को की जाने वाली कार्रवाई से ही कॉलोनी के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी और अनहोनी को रोका जा सके।