कानपुर कचहरी में युवा वकील की आत्महत्या: सुसाइड नोट में पिता पर लगाए गंभीर आरोप, लिखा- 'मेरे शव को हाथ न लगाएं'

Photo Source : Google

Posted On:Friday, April 24, 2026

कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर कचहरी परिसर से एक और अत्यंत दुखद और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 25 वर्षीय युवा अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने पांचवीं मंजिल से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह मामला केवल एक आत्महत्या नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों के भीतर छिपी मानसिक प्रताड़ना और गहरे भावनात्मक संकट की एक दर्दनाक दास्तां पेश करता है।

​सुसाइड नोट में छिपी पीड़ा:

प्रियांशु ने अपनी मौत से ठीक पहले व्हाट्सएप पर दो पन्नों का एक सुसाइड नोट साझा किया, जो उनके भीतर वर्षों से दबी घुटन को बयां करता है। नोट की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा कि उनके पिता, राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, उनके पार्थिव शरीर को हाथ न लगाएं। उन्होंने अपनी मौत का पूरा जिम्मेदार पिता की अत्यधिक सख्ती और मानसिक प्रताड़ना को ठहराया है।

​बचपन से जारी था प्रताड़ना का सिलसिला:

नोट में प्रियांशु ने बचपन की एक ऐसी घटना का जिक्र किया जिसने उनके मन पर गहरे जख्म छोड़े थे। उन्होंने लिखा कि महज फ्रिज से आम का जूस पीने की छोटी सी बात पर उनके पिता ने उन्हें नंगा करके घर से बाहर निकाल दिया था। उनके अनुसार, यह कठोरता तब भी कम नहीं हुई जब उन्होंने अपनी पढ़ाई और करियर के लिए संघर्ष किया।

​स्वाभिमान और पहचान का संकट:

25 साल की उम्र में वकील बनने के बावजूद प्रियांशु का अपना कोई स्वतंत्र कार्यस्थल नहीं था। वे अपने पिता के ही चैंबर में काम करते थे, जहाँ उन्हें न तो उचित सम्मान मिलता था और न ही एक पेशेवर पहचान। सुसाइड नोट के अनुसार:

​वे दिन भर अपने पिता की सेवा में लगे रहते थे।

​कभी किसी गलत संगत में नहीं रहे, फिर भी पिता की बेवजह की सख्ती ने उनके आत्मविश्वास को तोड़ दिया था।

​पिता के व्यवहार के कारण वे एक गहरे खालीपन और निरंतर घुटन में जी रहे थे।

​पुलिस की कार्रवाई:

घटना के बाद डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। पुलिस ने प्रियांशु के डिजिटल साक्ष्यों और व्हाट्सएप स्टेटस को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल:

​सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की जा रही है।

​आरोपी पिता फिलहाल सदमे में हैं और पुलिस उनसे पूछताछ की प्रतीक्षा कर रही है।

​पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इस आत्मघाती कदम के पीछे कोई अन्य बाहरी कारण भी था।

​यह घटना कानपुर के कानूनी जगत और अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जो संतानों के मानसिक स्वास्थ्य और माता-पिता के व्यवहार के बीच के नाजुक संतुलन पर सवाल उठाती है।


कानपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. Kanpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.