कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच अब लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे लोगों को बड़ी सौगात देने के लिए तैयार है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस हाईस्पीड कॉरिडोर का उद्घाटन जून के पहले सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस परियोजना का लोकार्पण कर सकते हैं।
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा। फिलहाल दोनों शहरों के बीच यात्रा में करीब तीन घंटे लगते हैं, लेकिन नए एक्सप्रेसवे के जरिए यह दूरी महज 40 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नेशनल एक्सप्रेसवे-6 नाम से तैयार किए गए इस छह लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 3,700 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। इसे 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। एक्सप्रेसवे लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित मीरनपुर पिनवत गांव से शुरू होकर उन्नाव के अता गांव तक जाएगा। इसके बाद कानपुर पहुंचने के लिए यात्रियों को जाजमऊ गंगा पुल तक करीब 5.5 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, कार चालकों को इस मार्ग पर लगभग 275 रुपये टोल देना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश लगातार एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार कर देश में नई पहचान बना रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे सहित राज्य में अब तक 2121 किलोमीटर लंबा नेटवर्क तैयार हो चुका है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह आंकड़ा करीब 2200 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। प्रदेश के 38 जिले अब हाईस्पीड एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधे जुड़ चुके हैं, जिससे औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।