कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर रेल खंड पर बड़े स्तर पर मरम्मत और अपग्रेडेशन कार्य के चलते रेलवे ने 2 अप्रैल से 13 मई 2026 तक 42 दिनों का मेगा ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक घोषित किया है। यह ब्लॉक कानपुर और कानपुर पुल बाएं किनारे के बीच डाउन लाइन स्थित पुल संख्या-110 पर लिया जाएगा, जहां पुराने स्टील ट्रफ को हटाकर एच-बीम स्लीपर लगाए जाएंगे।
इस अवधि में प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक लगभग 8 घंटे का ब्लॉक रहेगा, जिससे इस रूट पर ट्रेनों का संचालन बड़े पैमाने पर प्रभावित होगा।
लोकल और मेमू ट्रेनों पर सबसे ज्यादा असर
लखनऊ, कानपुर, रायबरेली, झांसी और प्रयागराज रूट की कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें इस दौरान प्रभावित रहेंगी। एक दर्जन से अधिक ट्रेनें पूरी अवधि के लिए निरस्त कर दी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से लखनऊ–कानपुर, कानपुर–रायबरेली, झांसी–लखनऊ और प्रयागराज–कानपुर रूट की दैनिक सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा झांसी–लखनऊ इंटरसिटी (11109/11110) और कानपुर–प्रयागराज संगम एक्सप्रेस (14102) भी पूरी अवधि के लिए रद्द रहेगी।
लंबी दूरी की ट्रेनें भी प्रभावित
ब्लॉक के कारण लंबी दूरी की कई ट्रेनों पर भी असर पड़ेगा। पुणे–लखनऊ और मुंबई (एलटीटी)–लखनऊ सुपरफास्ट ट्रेनें कानपुर तक ही सीमित रहेंगी, जबकि कुछ ट्रेनें उन्नाव या अन्य स्टेशनों से शॉर्ट टर्मिनेट या शॉर्ट ओरिजिनेट होंगी। कई ट्रेनों को 3 से 4 घंटे तक की देरी का सामना करना पड़ सकता है।
शताब्दी और वंदे भारत का बदलेगा रूट
नई दिल्ली–लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस और आनंद विहार–अयोध्या वंदे भारत एक्सप्रेस को इस दौरान मुरादाबाद रूट से डायवर्ट किया जाएगा। इसके चलते ये ट्रेनें अलीगढ़, टूंडला, इटावा और कानपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी।
दर्जनों ट्रेनों का रूट डायवर्जन
रेलवे ने 25 से अधिक ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है। कई ट्रेनें प्रयागराज, मुरादाबाद और शाहजहांपुर रूट से चलाई जाएंगी। गोरखपुर, पटना, कोलकाता और दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के मार्ग और ठहराव में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ेंगी।
समय में बदलाव भी लागू
कुछ ट्रेनों के समय भी पुनर्निर्धारित किए गए हैं। लोकमान्य तिलक टर्मिनस–सीतापुर एक्सप्रेस को लगभग 210 मिनट की देरी से चलाया जाएगा, जबकि कोटा–पटना और फरक्का एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के समय में भी 3 से 4 घंटे तक का बदलाव किया गया है।