कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह के खुलासे के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अब तक की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बरामद 1030 दस्तावेजों में से 400 से अधिक फर्जी पाए गए हैं, जिनमें विभिन्न विश्वविद्यालयों की मार्कशीट और डिग्रियां शामिल हैं।
पुलिस अब गिरोह के सरगना के बैंक खातों की भी जांच कर रही है, जिसमें करीब 12.50 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी ने जांच का दायरा अन्य राज्यों तक बढ़ा दिया है। बेंगलुरु में छिपे एक सदस्य पर नजर रखी जा रही है, जबकि फर्जी दस्तावेज खरीदने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है और इसमें शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
इस मामले में कानपुर के किदवई नगर थाना पुलिस ने पहले छापेमारी कर गिरोह के सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में दो और आरोपियों को पकड़ा गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या छह हो गई है। जांच के लिए 14 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि नवंबर 2025 में यूपी बोर्ड ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि असली वेबसाइट www.upmsp.edu.in की तर्ज पर एक फर्जी वेबसाइट www.upmsp-edu.in बनाई गई थी, जिसके जरिए छात्रों और अभिभावकों से ठगी की आशंका थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय समेत दक्षिण भारत के कई विश्वविद्यालयों की नकली डिग्री और मार्कशीट तैयार करते थे।