कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से पेट्रोल-डीजल को लेकर मची अफरा-तफरी अब धीरे-धीरे कम होती नजर आ रही है। शनिवार को अधिकांश पेट्रोल पंपों पर भीड़ सामान्य रही, हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी लाइनें देखी गईं।
इसी बीच कौशांबी में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जहां हाईवे पर डीजल से भरे टैंकर की डीसीएम से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद टैंकर से डीजल सड़क पर फैल गया। घटना की खबर मिलते ही आसपास के गांवों से लोग मौके पर पहुंच गए और बाल्टी व डिब्बों में डीजल भरकर ले जाने लगे।
ऐसा ही एक मामला कानपुर में भी सामने आया, जहां शुक्रवार शाम हाईवे पर एक पेट्रोल टैंकर खराब हो गया। इसी दौरान पीछे से आ रही एक गाड़ी ने उसमें टक्कर मार दी, जिससे टैंकर से पेट्रोल लीक होने लगा। यह देखते ही लोग मौके पर पहुंच गए और ड्रम व बाल्टियों में पेट्रोल भरने लगे। बाद में पुलिस ने पहुंचकर भीड़ को हटाया।
इस पूरे मामले पर तेल कंपनियों के यूपी कोऑर्डिनेटर संजय भंडारी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हमेशा की तरह सात दिन का पर्याप्त बैकअप स्टॉक मौजूद है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ईंधन खत्म होने की अफवाहों के कारण पिछले तीन दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल की बिक्री 222% और डीजल की बिक्री 230% तक बढ़ गई थी, जिससे पंपों पर लंबी कतारें लग गई थीं।