कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश एटीएस ने ऑर्डिनेंस फैक्टरी, हजरतपुर फिरोजाबाद में कार्यरत रविंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद एक बड़े षड्यंत्र का खुलासा किया है। जांच में पता चला कि रविंद्र कुमार कथित पाकिस्तानी एजेंट नेहा शर्मा के संपर्क में था और फैक्टरी से जुड़ी गोपनीय और संवेदनशील सूचनाएं उसके साथ साझा कर रहा था। इस खुलासे के बाद एटीएस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, जिससे एक और नाम सामने आया।
जांच में सामने आया कि ऑर्डिनेंस फैक्टरी, कानपुर में काम करने वाला कुमार विकास भी इस साजिश में शामिल था। कुमार विकास, जो कि जूनियर वर्क्स मैनेजर के पद पर कार्यरत है, जनवरी 2025 में फेसबुक के जरिए कथित पाकिस्तानी एजेंट नेहा शर्मा के संपर्क में आया था। नेहा शर्मा ने खुद को भारत हैवी इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड की कर्मचारी बताकर उससे बातचीत शुरू की थी। इसके बाद व्हाट्सएप पर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और दोनों ने अपने नंबर भी साझा किए।
सूत्रों के अनुसार, कुमार विकास और नेहा शर्मा के बीच गोपनीय बातचीत लूडो एप के जरिए होती थी ताकि किसी को शक न हो। बताया जा रहा है कि पैसों के लालच में कुमार विकास ने ऑर्डिनेंस फैक्टरी के डॉक्यूमेंट्स, उपकरणों, निर्माण कार्य से जुड़े अहम डाटा, कानपुर फैक्टरी के कर्मचारियों की उपस्थिति शीट और प्रोडक्शन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां नेहा शर्मा को सौंप दी थीं।
एटीएस की टीम ने पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए कुमार विकास को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने फैक्टरी के अंदर मौजूद मशीनों, हथियार निर्माण से जुड़ी जानकारी और प्रोडक्शन चार्ट तक की सूचनाएं कथित पाकिस्तानी एजेंट को भेजी थीं। फिलहाल, एटीएस ने कुमार विकास के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।