कानपुर न्यूज डेस्क: सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के एक गांव से एक मार्च को रहस्यमय तरीके से लापता हुई 15 वर्षीय किशोरी 21 दिन बाद सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर मिली। रेलवे पुलिस ने उसे बालिका उद्धार गृह भेजकर स्थानीय पुलिस को सूचना दी। जब परिजन किशोरी को वापस लेकर आए, तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। पहले परिजनों ने पड़ोसी किशोर और एक महिला पर अपहरण का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन किशोरी ने बयान में ग्राम प्रधान और महिला के पति पर अपहरण व दुष्कर्म का आरोप लगाया।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस कई दिनों तक पड़ोसी किशोर और महिला से पूछताछ करती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 15 मार्च को किशोरी ने एक अनजान नंबर से परिजनों को फोन कर बताया कि वह ट्रेन में बिना टिकट पकड़ी गई है और आधार कार्ड भेजने को कहा। इसके बाद उसका नंबर बंद हो गया। पुलिस ने नंबर ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन कभी सुल्तानपुर, कभी अयोध्या और कभी बाराबंकी में मिली। अंततः 21 मार्च को सुल्तानपुर बालिका उद्धार गृह से पुलिस को सूचना मिली कि किशोरी रेलवे स्टेशन पर मिली थी।
22 मार्च को परिजन किशोरी को लेकर सेन पश्चिम पारा थाना पहुंचे, जहां पूछताछ के दौरान किशोरी ने नई कहानी बताई। उसने पहले से नामजद पड़ोसी किशोर और महिला के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया, बल्कि ग्राम प्रधान और महिला के पति पर अपहरण कर एक बंद कमरे में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। पुलिस ने किशोरी को मेडिकल जांच के लिए भेजकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।