कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर शनिवार को सतर्कता विभाग (Vigilance) की मुस्तैदी से एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। अधिकारियों ने 'शिवगंगा एक्सप्रेस' में सफर कर रहे एक फर्जी रेलवे अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह जालसाज न केवल नकली पहचान के साथ यात्रा कर रहा था, बल्कि ट्रेन में सवार यात्रियों को रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का प्रलोभन भी दे रहा था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को रेलवे का बड़ा अफसर बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था। उसने नौकरी लगवाने के नाम पर कई बेरोजगार युवाओं और यात्रियों को अपना निशाना बनाया और उनसे मोटी रकम वसूली। सतर्कता विभाग को इसकी संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम ने जाल बिछाकर उसे स्टेशन पर उतरते ही हिरासत में ले लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यह आरोपी एक संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो रेलवे भर्ती के नाम पर ठगी करता है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस खेल में उसके साथ और कौन-कौन शामिल है। रेलवे के उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं जो पैसे लेकर नौकरी दिलाने का दावा करता हो। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे में भर्ती केवल आधिकारिक बोर्ड (RRB/RRC) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से होती है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।