कानपुर न्यूज डेस्क: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी सौगात तैयार है। बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब बस इस पर फर्राटा भरने का इंतजार है। यह एक्सप्रेसवे न केवल दो बड़े शहरों की दूरी कम करेगा, बल्कि जाम और खराब रास्तों की पुरानी समस्या से भी मुक्ति दिलाएगा।
28 अप्रैल को हो सकता है लोकार्पण
एनएचएआई (NHAI) ने पहले इसके लोकार्पण के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को इस हाई-टेक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सकते हैं। फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से अंतिम मंजूरी का इंतजार है, जिसके मिलते ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
3 घंटे का सफर अब 45 मिनट में
वर्तमान में लखनऊ से कानपुर के बीच (NH-27) की दूरी लगभग 94 किलोमीटर है, जिसे भारी ट्रैफिक और जाम के कारण पार करने में 2.5 से 3 घंटे लग जाते हैं। नया 6-लेन एक्सप्रेसवे महज 63 किलोमीटर लंबा है। 120 किमी प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार के साथ यह सफर अब सिर्फ 30 से 45 मिनट में पूरा हो सकेगा।
टोल दरों में भारी बढ़ोतरी
सफर तो आसान होगा, लेकिन जेब पर बोझ बढ़ना तय है। नए एक्सप्रेसवे पर चलने के लिए कार सवारों को 275 रुपये एक तरफ का टोल देना होगा। गौर करने वाली बात यह है कि पुराने हाईवे पर वर्तमान में टोल 95 रुपये है, यानी नए रास्ते पर सफर के लिए आपको लगभग 186% ज्यादा शुल्क चुकाना होगा।
किन वाहनों को मिलेगी अनुमति?
सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि इस एक्सप्रेसवे पर दो पहिया, तीन पहिया और अन्य हल्के धीमे वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यहां केवल चार पहिया (कार/एसयूवी) और भारी व्यावसायिक वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी।