कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर नगर निगम ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव को पास कर एक नई मिसाल कायम की है। गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय में हुए विशेष सत्र में भाजपा पार्षदों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिससे कानपुर यूपी का पहला ऐसा शहर बन गया है जिसने इस मुद्दे पर अपनी सहमति जताई है। मेयर प्रमिला पांडेय ने कहा कि यह प्रस्ताव देश के विकास के लिए जरूरी है और इसे मंजूरी के लिए अब राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। खास बात यह है कि इस फैसले के बाद कानपुर देश के अन्य शहरों के लिए एक मिसाल बन गया है।
हालांकि, इस प्रस्ताव पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। सदन में जब इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई तो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पार्षदों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की प्रणाली राज्य के हित में नहीं होगी। इस पर मेयर प्रमिला पांडेय ने जवाब दिया कि विपक्ष का काम सिर्फ विरोध करना है, जबकि यह प्रस्ताव देश के विकास के लिए अहम है। भाजपा पार्षदों ने इसे देश के लिए फायदेमंद बताते हुए प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया।
सत्र के दौरान पार्षदों ने अपने हितों को लेकर भी मांग उठाई। भाजपा पार्षद नवीन पंडित ने नगर आयुक्त सुधीर कुमार से पार्षदों के लिए 50 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी और पांच हजार रुपये के भत्ते की मांग की। उन्होंने कहा कि जब लोकसभा और विधानसभा सदस्यों को भत्ता और बीमा का लाभ मिलता है, तो पार्षदों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए। इस मुद्दे पर भी सदन में काफी चर्चा हुई और पार्षदों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई।
अब इस प्रस्ताव को कानपुर नगर निगम से राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। केंद्र सरकार पहले ही ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर विचार कर रही है, ऐसे में कानपुर नगर निगम के इस फैसले से इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में भी इस फैसले की खूब चर्चा हो रही है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि राज्य और केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर क्या कदम उठाती हैं।