कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्राइम ब्रांच के अंतर्गत तीन नई इकाइयों के गठन का निर्णय लिया है। इनमें एंटी-थेफ्ट, होमिसाइड और नारकोटिक्स यूनिट शामिल होंगी। इनका मुख्य उद्देश्य बड़ी चोरियों, हाई-प्रोफाइल हत्याओं और महंगे नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों की गहन जांच करना होगा। इसके लिए तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तलाश की जा रही है, ताकि मामलों को जल्द सुलझाया जा सके।
शहर में कई आपराधिक घटनाओं की जांच अब तक संबंधित थानों की पुलिस के जिम्मे होती थी, जबकि क्राइम ब्रांच और साइबर सेल जैसी विशेष टीमें सहयोग करती थीं। लेकिन अब इन तीन इकाइयों के गठन से जांच प्रक्रिया को और व्यवस्थित और तेज बनाया जाएगा। एंटी-थेफ्ट यूनिट खासकर बड़ी और संगठित चोरियों की जांच पर फोकस करेगी, जबकि होमिसाइड यूनिट हाई-प्रोफाइल मर्डर केसों की पड़ताल करेगी। वहीं, नारकोटिक्स यूनिट हेरोइन, कोकीन, स्मैक जैसी महंगी ड्रग्स की तस्करी से जुड़े मामलों की जांच करेगी।
इन इकाइयों के गठन की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी और एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा इस पर काम कर रहे हैं। इसके तहत पुलिस लाइन और विभिन्न थानों से अनुभवी और दक्ष अधिकारियों व कर्मचारियों को चुना जाएगा। प्रत्येक यूनिट का अलग कार्यालय होगा और उनके लिए विशेष प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा, आर्थिक अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भविष्य में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) भी गठित की जाएगी। यह इकाई धोखाधड़ी, कॉपीराइट उल्लंघन और बौद्धिक संपदा से जुड़े मामलों की जांच करेगी। फिलहाल, इसके स्वरूप और कार्यप्रणाली को लेकर मंथन चल रहा है, ताकि इसे अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
इस बीच, महाकुंभ ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को सरकार की ओर से 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है। कानपुर से डेढ़ हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने महाकुंभ में ड्यूटी निभाई थी। अब प्रशासन इन सभी का डेटा इकट्ठा कर रहा है, ताकि उन्हें यह राशि जल्द से जल्द दी जा सके।