कानपुर न्यूज डेस्क: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सोमवार को स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज में व्याख्यान और क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्या डॉ. वंदना पाठक, डॉ. निरंकार गोयल, कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ. आनंद कुमार, संस्थान के निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी समेत अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को पोषण से जुड़ी सामग्री प्रदान की गई और उनके इलाज व देखभाल को लेकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. वंदना पाठक ने क्षय रोग की पहचान और इसके आयुर्वेदिक उपचार की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उचित पोषण, दिनचर्या और योग से इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कहा कि टीबी से उबरने के बाद भी मरीजों को नियमित जांच और सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि इस बीमारी से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव ने जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि समय रहते रोग की पहचान कर उचित इलाज किया जा सके।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ रेस्पिरेटरी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि पिछले 25 वर्षों से टीबी दिवस मनाया जा रहा है और इस बीमारी की रोकथाम में सामुदायिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के दौरान निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी ने क्षय रोगियों को गोद लेने की पहल के बारे में बताया, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने इस अभियान को प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।